जय श्री राम, जय श्री राम, जय श्री राम, जय श्री राम, जय श्री राम, जय श्री राम, जय श्री राम, जय श्री राम, जय श्री राम, जय श्री राम, जय श्री राम, गीता मैं भगवन कहा – जब तक धर्म हानि होती है तब तब मेरी कोई शक्ति धरा धाप पैर अवतार लेकर भक्तो के दुख: दूर करती है और धर्म की स्थापना करती है ऐसे ही प्रभु श्री राम जी की क्रपा से छत वाले हनुमान जी ने अपनी शक्तियो से अपने प्रये भक्त को प्रेंरना दी की यहाँ मेरा आकार बनना चाहीये व् नक्शा भी बाबा ने अपने भक्तो को बताया बस फिर तो जय श्री राम जय श्री राम करते करते बाबा का आकार बनना शुरू हो गया बाबा का आकार अधिकतर रात्रि मैं बना, अगर बाबा का भक्त लाल वस्त्र पहनाकर बाबा का कार्य करता तो बाब बड़ा सुंदर कार्य होता | कुल गिनती के दिन बाबा का आकार बनने मैं 112 दिन , प्रेम से बोलो जय श्री राम पर 112 दिन में कुछ दिन कार्य नहीं भी हुआ पर वह दिन याद नहीं है हो सकता है की चमतकारी बाबा का आकार बनने में 108 दिन लगे हो | फिर बाबा का आकार बनकर तयार हो गया तो मेहँदी पुर बाबा जी को जाकर बाबा को निमंत्रण देकर आये की बाबा आप का आकार बन गया है और आकार सब का भला करो | फिर 25 Nov 2008 में मंगलवार को छत वाले बाबा का आकार का जन्म हुआ और दर्शन होने शुरू हो गए | प्रेम से बोलो जय श्री राम बस फिर तो छत वाले चमत्कारी बाला जी हनुमान अपने चमत्कार दिखने लगे अब हर मंगलवार शाम को भक्तो की भीड़ बढ़ने लगी बाबा मंगलवार को लडडू बूंदी का भोग लगने लगा शाम को भजन कीर्तन होने लगे जो भक्त छत वाले बाबा के दर्शन कर लेता है वह छत वाले बाबा का दीवाना हो जाता है और जय श्री राम बोलने लगता है बाबा भक्तो की मनोकामना भी पूर्ण करने लगे , भक्तो की झोलिया भी भरने लगे , कई बहनों की सुनी गोद बाबा ने भर दी लोग लोग आने लगे | अनेक भक्तो का कल्याण बाबा करने लगे | बाब के दर्शन करने से कई भक्तो को मन में शांति और खुशी होने लगी | अगर किसी रोगी को दवाई नहीं लगती हो तो ग्याहर या इकीस दिन लगातार छत वाले बाबा के दर्शन करे और बाबा का जल लगातार ले और जय श्री राम करके दवाई का सेवेन करे तो रोई बहुत जल्दी ठीक हो जाता है कई कुमित बुधि वाले इंसानों की अच्छी बुधि वाला इंसान बनाया बाबा ने | छत वाले बाबा कहते है जब भी मेरे पास आये जय श्री राम बोलो और सब के भले के लिए प्रथाना करो फिर अगर आप के उपर कोई सकट है तो मुझे बताओ बाबा को जय श्री राम बोलना और सुनना बहुत अच्छा लगता है जब कोई जय श्री राम , जय श्री राम बोलता है बाबा को बड़ा ही अच्छा लगता है | छत वाले बाबा बड़े ही शाकति से खड़े है ----- मंदिर मैं आरती सर्दियों मैं सुबह 7:30 am पर होती है और शाम को 8:00 pm बजे | ----- मंदिर मैं आरती गर्मियों मैं सुबह 6:00am बजे पर होती है और शाम को 9:00 pm बजे | बाबा की आरती भक्तो द्वारा होती है छत वाले चमत्कारी बाबा क्या क्या खुश होकर खाते है | राम नाम के लडडू मंगलवार को छोटू भाई और धोलक वाला लक्की नहा धोकर राम राम करके बनाते है ----- सर्दी में राम नाम के लड्डू सुबह 6:00am बजे बनते है और ----- गर्मियों मैं राम नाम के लड्डू सुबह 4:00 am बजे बनते है | फिर उसके बाद जय शकर जी और उनकी पतनी ममता, लक्की, मोहित, छोटू ढोलक वाला बाबा की आरती करते है| ----- छत वाले बाबा केले बड़े खुश होकर खाते है पंच मेवा का भोग भी बाबा खाते है बाबा रोट का भोग भी खाते है ----- बाबा हलुया, खीर, कड़ी चावल भी खुश होकर खाते है किन्तु कोई बाबा का भक्त जो शाकाहारी और गृहस्थ जीवन से दूर हो उसी के हाथ का बना हुआ खाते है | ----- सुबह की आरती के बाद बाबा रोज पंच मेवे का भोग खाते है | ----- शनिवार को बाबा केले का भोग खाते है ----- मंगलवार को राम नाम के लड्डू खाते है मंगलवार शाम 8:00 pm बजे बाबा का कीर्तन होता है और 9:30 pm बजे जय श्री राम का भजन होता है उसके बाद हनुमान चालीसा सकंट मोचन बजरंग बाण फिर आरतिया होती है फिर भोग लगता है | प्रेम से बोलो जय श्री राम | छत वाले बाबा के मंदिर मैं आते ही सभी प्राणियों के मुख से अपने आप जय श्री राम शब्द निकलता है छत वाले चमत्कारी बाबा अपनी शक्तियों से खड़े होने पर भी कोई पुजारी नहीं है बस जो कार्य यहाँ होता है भक्त द्वारा होता है और सभी भक्त यहाँ पर निष्काम सेवा करते है और तन मन धन से सहयोग करते है | चोले की महिमा छत वाले बाला जी हर मंगलवार को स्नान करके चोला पहनते है बाबा का एक बार चोला पहनने के बाद दुबारा नया चोला ही पहनते है | उतरे हुआ चोला दुबारा नहीं पहनते है | छत वाले बाबा का चमत्कार बाबा का चोला एक हफ्ते बाद भी साफ सुथरा उतरता है | जब भी आप बाबा के दर्शन करेंगे तो आप को ऐसा लगेगा की बाबा ने चोला अभी अभी बदला है जय श्री राम , जय श्री राम अगर आप को बाबा को चोला पहनाना है तो आपको नम्बर लगवाना पड़ेगा | फिर आपका का नम्बर छह सात महीने में आयेगा | प्रेम से बोलो जय श्री राम छत वाले बाबा के उतरे हुए चोले हरिद्वार व सरयु नदी में प्रवाहित किये जाते है | (अब बाबा का आदेश हो रहा है की चोले 2013 मैं इलाहाबाद मैं प्रवाहित किये जाये ) प्रेम से बोलो जय श्री राम , जय श्री राम , जय श्री राम , जय श्री राम छत वाले बाबा के आदेश लेंटर कैसे पड़ेगा ------ छत वाले बाबा ने कहा की जय श्री राम जन्म भूमि की मिट्टी लाकर मेरे हाथ मैं रखो ------ फिर बाबा बोले मेरे चोले सरयु नदी मैं प्रवाहित करो और सरयु नदी के जल से मुझे स्नान करो ------ फिर बाबा के बच्चों ने सारे आदेश सुनकर बोले यहाँ पैर कैसे जाये राम जन्म भूमि | सोच में पढ़ गए फिर बाबा जी की छत का लेंटर डलवाना है क्यों की बाबा तो छत वाले खुले असमान के नीचे प्लास्टिक चादर की छत के नीचे खड़े है कभी कभी तेज वर्षामैं भीग भी जाते है फिर सभी भक्तो ने बाबा से विनती की बाबा छत का लेंटर डलवाओं बाबा ने भक्तो की प्रकार सुनी और अपने प्रिये भक्त से कहा की राम जन्म भी जाकर वहाँ से ग्याहरा ईट लेकर आओ फिर सरयु नदी मई उन ईट का स्नान कराके मेरे मंदिर में लगाकर फिर लेंटर का कार्य शुरू करवाया जाये | प्रेम से बोलो जय श्री राम फिर तो भक्तो ने बहुत जल्दी से अयोध्या राम जन्म भूमि की तैयारी कर ली बाबा की भगत मंडली अयोध्या गई वहाँ जाकर बाबा के चोले प्रवाहित किये फिर राम जन्म भूमि की मिट्टी और ग्याहरह ईट भी ले ली | फिर उन ईटो को सरयु नदी मैं स्नान कराया और राम राम लिख कर बाबा की भक्त मंडली वापिस दिल्ली आ गए | फिर अयोध्या से आई ईटो से मंदिर निर्माण किया 17 May 2011मंगलवार को मंदिर का कार्य शुरू हुआ फिर बाबा का आदेश हुआ मेरी छत का लेंटर २१ भक्तो द्वारा शुरू हो गया और 21 किलो का लडडू बटेगा और 108 देशी घी के दिए लेंटर डलने के बाद छत पर शाम को जलाये जायेंगे फिर बाबा की छत का लेंटर २१ भक्तो द्वारा 5 June 2011 दिन इतवार को सुबह पहले भक्त ने रोड़ी बदरपुर सीमेंट जय श्री राम जय श्री राम बोलकर मिलाना शुरू कर दिया बाबा के लेंटर के मसाले मैं सरयु नदी का जल , हरिद्वार का जल , राम जन्म भोमि की मिट्टी मिक्स करके बाबा के लेंटर का मसाला भक्तो द्वारा तैयार हुआ | प्रेम से बोलो जय श्री राम फिर बाबा की परिक्रमा की हनुमान चालीसा पड़ी संकट मोचन, बजरंग , बाण , राम जी की आरती 108 बार राम राम जाप फिर हनुमान जी की आरती पढ़ पहले तशला भर बाबा का प्रिये भक्तो ने डाला फिर सरे भक्तो ने जय श्री राम जय श्री राम करके लेंटर डालना शुरू कर दिया और जो बाबा ने कहा २१ किलो ग्राम का लड्डू वो लड्डू भी प्रसाद रूप में बटे | देखते देखते सरे गली मोह्ल्ले के लोग बाबा के लेंटर की सेवा करने लगे तीन घंटे मई लेंटर डल गया प्रेम से बोलो जय श्री राम फिर जिन भक्तो ने छत वाले बाबा की छत का लेंटर डाला उन भक्तो का खाना भी बाबा ने खिलाया फिर शाम को लेंटर के ऊपर 108 देशी घी के दीपक भी प्रज्वलित किये गए प्रेम से बोलो जय श्री राम इस प्रकार छत वाले चमत्कारी बाबा की छत का लेंटर डाला गया | |